सम्पादकीय : मासूम बचपन और शिक्षा के नाम पर प्रताड़ना, इस पर समीक्षा की है जरूरत..!
उत्तर प्रदेश के नैनी के दीन दयाल जूनियर हाई स्कूल में कथित तौर पर रोने पर शिक्षकों द्वारा पीटे जाने के कारण एक अबोध बालक की जान चली जाना, न…
सम्पादकीय :-आतंकवाद के पोषक पर IMF की मेहरबानी : भारत की विदेश नीति के लिए आत्ममंथन का समय
भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए, अपने हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत और संतुलित विदेश नीति का अनुसरण करना होगा। उसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद…
सम्पादकीय : युवाओं में बढ़ते हृदय आघात: चिंताजनक स्थिति और गहन अध्ययन की आवश्यकता
युवाओं को कम उम्र में हो रही हृदयघात को लेकर सरकार को तत्काल हरकत में आना चाहिए और एक उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड का गठन कर इस समस्या की गहनता…
सम्पादकीय : जोया और अयान: युद्ध की रेत में दफन मासूमियत की चीख
आज पाकिस्तान जिस स्थिति में है, उसके लिए उसकी अपनी नीतियां जिम्मेदार हैं। अशिक्षा, मानसिक दिवालियापन, रूढ़िवादी सोच और जिहाद के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देना, यही कारण है…
सम्पादकीय : त्रिकोणीय कूटनीति: आतंकवाद, संतुलन और अमेरिका का भारत-पाक समीकरण
युद्ध जैसे हालात से बचने के लिए अमेरिका द्वारा मध्यस्थता पर जोर भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सीमित कर सकता है। भारत हमेशा से ही द्विपक्षीय मुद्दों को तीसरे पक्ष…
सम्पादकीय :-पाकिस्तान:आतंकवाद और खोखला लोकतंत्र के बीच अपने देश की जनता को भी देता रहा धोखा
विनोद आनंद आ ज पाकिस्तान विश्व के सबसे बदनाम देशों में शुमार हो चुका है। आतंकवाद के पोषण और प्रसार के केंद्र के रूप में इसकी छवि वैश्विक स्तर पर…
भारत-पाक तनाव के बीच संघर्ष विराम की घोषणा: यह भारत की रणनीतिक जीत और पाकिस्तान की विवशता का परिणाम है..!
पाकिस्तान के इस अप्रत्याशित कदम के पीछे केवल सैन्य दबाव ही एकमात्र कारण नहीं है। पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था भी एक महत्वपूर्ण कारक है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से हाल…
