कांग्रेस की नीतियों ने रोकी राह, फिर 1967 में सोशलिस्ट पार्टी ने लिखा बिहार की राजनीति का नया अध्याय
स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों में, कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व उच्च जातियों और प्रभुत्वशाली वर्गों के एक सीमित समूह तक ही सिमटा रहा। ग्रामीण और शैक्षिक/आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि के…
