धनबाद के ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया का गुरुग्राम में जलवा: स्टार्टअप प्रतियोगिता में जीते 2 लाख रुपये
धनधनबाद | झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद के होनहार विद्यार्थियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। धनबाद स्थित ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया के…
कांग्रेस की नीतियों ने रोकी राह, फिर 1967 में सोशलिस्ट पार्टी ने लिखा बिहार की राजनीति का नया अध्याय
स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों में, कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व उच्च जातियों और प्रभुत्वशाली वर्गों के एक सीमित समूह तक ही सिमटा रहा। ग्रामीण और शैक्षिक/आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि के…
ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल, गोविंदपुर में ‘पंडित दिनेश मेमोरियल अंतर सदनीय फुटबॉल टूर्नामेंट 2025’ का भव्य समापन
गोविंदपुर: ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल, बरिओ मोर, गोविंदपुर में पंडित दिनेश मेमोरियल अंतर सदनीय फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 का समापन समारोह 8 नवंबर 2025 को धूमधाम से आयोजित किया गया। समारोह…
सम्पादकीय : विकास के दावे और पलायन की पीड़ा: युवाओं के सपनों का अधूरा बिहार
बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्यों से पलायन की गंभीर समस्या को रोकने के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहना अपर्याप्त है। यह एक अनिवार्य शर्त है कि स्थानीय स्तर पर…
विकास फोरम का मनाया गया 30 वां स्थापना सह हिंदी दिवस समारोह, जिले के कई महत्वपूर्ण लोगों को किया गया सम्मानित
गोविंदपुर के अग्रसेन भवन में विकास फोरम ने अपना स्थापना दिवस और हिंदी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्था की वार्षिक पत्रिका ‘विकास पथ’ का विमोचन…
दाऊदनगर का जीऊतिया: एक अनोखा लोकपर्व
रचानकार:- डॉ. उर्मिला सिन्हा, (राँची, झारखंड) आज से पचपन साल पहले जब मेरा विवाह दक्षिण बिहार के दाऊदनगर स्थित संसा गाँव में हुआ, तो वहाँ के जीऊतिया उत्सव को देखकर…
ग्लोबल स्कूल ऑफ़ इंडिया में सामुदायिक पुलिस परामर्श सह जनरल काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन,एसएसपी प्रभात कुमार भीं पहुंचे छात्रों के बीच
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया का उद्देश्य सिर्फ अकादमिक शिक्षा देना नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन के हर पहलू से अवगत कराकर एक सफल इंसान बनाना है। समुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम…
झारखंड पब्लिक स्कूल में ‘गौरव दिवस’ के रूप में स्वतंत्रता दिवस समारोह
आज का दिन हमारे लिए गौरव का दिन है। आज वीर शहीदों को याद किया जाता है, जिनकी कुर्बानियों के बाद भारत को आज़ादी मिली। उन्होंने कहा, “आज हम तेज़ी…
सम्पादकीय : लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: निष्पक्षता और जनता की जिम्मेदारी
अजीत अंजुम जैसे पत्रकारों पर हो रही कार्रवाई सिर्फ उन व्यक्तियों पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है. हमें यह समझना होगा कि यदि मीडिया…
