धनबाद: नव निर्वाचित महापौर संजीव सिंह का मटकुरिया गुरुद्वारा में भव्य अभिनंदन; सिख समाज ने जताया भरोसा
धनबाद। कोयलांचल की हृदयस्थली धनबाद में चुनावी सरगर्मियों के थमने और परिणामों की घोषणा के बाद अब मेल-मिलाप और अभिनंदन का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में, मटकुरिया…
धनबाद: थैलेसीमिया मरीजों के लिए एचएलए जांच शिविर का आयोजन, महापौर संजीव सिंह ने किया शुभारंभ
धनबाद: जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, धनबाद के प्रांगण में शनिवार को थैलेसीमिया से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एच.एल.ए. (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) जांच सह…
झरिया विधायक रागनी सिंह का सदन में तीखा प्रहार: प्रिंस खान की फरारी पर सरकार को घेरा
रांची/धनबाद: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान झरिया की विधायक रागनी सिंह ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान…
सृजन की सारथि: प्रतीक्षा गाँगुली नाथ और साहित्यिक पुनर्जागरण का शंखनाद
समकालीन साहित्य के आकाश में प्रतीक्षा गाँगुली नाथ एक ऐसी प्रखर किरण बनकर उभरी हैं, जिन्होंने बैंकिंग क्षेत्र के कड़े अनुशासन और पारिवारिक उत्तरदायित्वों के बीच शब्दों की साधना को…
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ ने मनाया महिला दिवस, वक्ताओं ने कहा – समाज और देश की प्रगति की महिला है रीढ़
द रभंगा, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के तत्वावधान में रविवार को दरभंगा जिले के ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत सदर प्रखंड के धोई गाँव…
स्मृति शेष :-सेवा का स्वर्णिम सफर: श्रद्धेय “बाबा” की अमिट गाथा
स्मृति लेख: सीता राम गोस्वामी (ज्येष्ठ पुत्र ) साँसो को सहज कर दिया औरों की पीर चूराकर…। वह मसीहा चला गया, मानवता का मान बढ़ा कर ।। उद्भव: एक साधारण…
सिंह मेंशन की राजनीतिक धमक और सूर्यदेव सिंह की विरासत: धनबाद की सियासत में संजीव सिंह की जीत का ऐतिहासिक सन्देश
धनबाद, जिसे देश की कोयला राजधानी कहा जाता है, वहां की राजनीति केवल सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह खदानों की गहराई, मजदूरों के पसीने और विस्थापन…
धनबाद की सियासत में सिंह मेंशन का नया उदय और बिहार-झारखंड के बदलते राजनीतिक समीकरण
सिंह मेंशन का इतिहास स्वर्गीय सूरजदेव सिंह के दौर से ही धनबाद की नियति तय करता रहा है। संजीव सिंह का मेयर बनना इस पुरानी विरासत को आधुनिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया…
भारतीय राजनीति के ऋषि-तुल्य मनीषी: रामेश्वर ठाकुर की गौरव गाथा
बिहार की पावन माटी के लाल, रामेश्वर ठाकुर भारतीय राजनीति के उन विरले महानायकों में से थे, जिन्होंने 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की क्रांति से लेकर आधुनिक भारत के…
समाजवाद के संत और भारतीय राजनीति के ‘ज्वॉइंट किलर’: बाबू भूपेंद्र नारायण मंडल
बाबू भूपेंद्र नारायण मंडल भारतीय राजनीति के वे ‘लोक-साधक’ थे, जिन्होंने संपन्नता का त्याग कर अपना जीवन शोषितों और वंचितों के अधिकारों हेतु समर्पित कर दिया। 1942 की अगस्त क्रांति…
