झारखंड पब्लिक स्कूल में ‘गौरव दिवस’ के रूप में स्वतंत्रता दिवस समारोह
आज का दिन हमारे लिए गौरव का दिन है। आज वीर शहीदों को याद किया जाता है, जिनकी कुर्बानियों के बाद भारत को आज़ादी मिली। उन्होंने कहा, “आज हम तेज़ी…
डॉ एस एन राणा की 16वीं पुण्यतिथि भुवनेश्वर यादव सुखदेव नारायण कॉलेज परिसर में मनायीं गई
धनबाद विधायक राज सिन्हा एवं निरसा विधायक अरुप चाटर्जी सहित गणमान्य लोगों ने दी भाव भीनी श्रद्धांजलि ध नबाद के प्रसिद्ध शिक्षाविद् और आर.एस. मोर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य स्वर्गीय…
अमर शहीद रामफल मंडल: गुमनामी से अमरता तक की एक शौर्य गाथा
वर्ष 1942 में गांधी की पुकार पर, भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आज़ाद कराने के लिए, बिहार की धरती से क्रांति की ज्वाला भड़की थी। इसी पावन ज्वाला…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनबाद में हवाई अड्डे के निर्माण का दिया आश्वासन
धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री देवी के साथ मिलकर धनबाद में…
“झारखंड: बग़ावत की मिट्टी, मुक्ति का सपना — दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अग्निगाथा”
शिबू सोरेन तीन-तीन बार मुख्यमंत्री, अनेकों बार मंत्री, पर कभी ‘पथ प्रदर्शक’ से ज्यादा कुछ बनने की चाह नहीं रही। वर्ण-वर्ग, धरम-जाति की बेड़ियों को तोड़कर उन्होंने जैगदा, जंगल और…
पटना में दिल दहला देने वाली घटना: दो बच्चों की मौत, हादसा या साजिश?
प टना: बिहार की राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। नगवां गांव में एक…
साबधान: अगर एल्युमीनियम के कढ़ाही–कुकर और वर्तन में खाना बनाते हैं तो हो जाएं सावधान..?
ब हुत से भारतीय घरों में आज भी एल्युमीनियम से बने कढ़ाही, तवा या कुकर का रोजमर्रा में इस्तेमाल होता है। हल्के, आसानी से उपलब्ध और सस्ते होने के कारण…
बख्तियारपुर जंक्शन: नेहरू जी चिपका गए कलंक को माथे पर ..
दानापुर डिवीजन अंतर्गत पूर्व मध्य रेलवे जोन के बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पटना से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है। पूर्व में इस स्टेशन का नाम नालंदा रेलवे स्टेशन था,…
संस्मरण: नामवर शताब्दी : आस्मां को ज़मीं पर जब उतरते देखा!
लेखक परिचय:- श्याम बिहारी श्यामल का जन्म 1965 में हुआ। वे लगभग तीन दशक से लेखन और पत्रकारिता से जुड़े हैं। उनका पहला चर्चित उपन्यास ‘धपेल’ 1998 में पलामू के…
सम्पादकीय : पत्रकारों के लिए पेंशन और आवास: एक स्वागत योग्य पहल, पर राह अभी है लंबी
बिहार सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए पेंशन और आवास की घोषणा एक सकारात्मक कदम है, जो पत्रकार समुदाय के लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आया है। यह दर्शाता है…
