
धनबाद, 8 अक्टूबर 2026:
अल-इकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, बरियो मोड़, गोविंदपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के दिशा-निर्देशों के तहत जल संरक्षण एवं इसके विवेकपूर्ण उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं को जल के महत्व, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में जल संरक्षण पर दिए गए संदेश की पृष्ठभूमि में आयोजित हुआ, ताकि भावी शिक्षकों के माध्यम से समाज में जिम्मेदारी की भावना का विकास किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान पोस्टर मेकिंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें B.Ed. सत्र 2024–26, 2025–27 एवं 2026–28 के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने जल संकट, वर्षा जल संचयन और जल दुरुपयोग को रोकने जैसे विषयों पर अपने विचारों को प्रस्तुत किया।
भाषण प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं ने जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। प्रतियोगिता में साक्षी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और वर्षा जल संचयन के महत्व को रेखांकित किया। एम.डी. तैयब अंसारी ने द्वितीय तथा अफताब अहमद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं ने जल स्रोतों की सुरक्षा और पुनर्चक्रण पर संदेशपरक पोस्टर बनाए। इसमें सत्र 2025–27 की निकहत परवीन ने प्रथम, तनुजा कुमार ने द्वितीय तथा सबिया खातून ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सत्र 2026–28 की कनीज फातिमा ने प्रथम, संजू हेम्ब्रम ने द्वितीय तथा पूजा सोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

असिस्टेंट प्रोफेसर अब्दुल्लाह ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की न होकर हर नागरिक की है। उन्होंने दैनिक जीवन में जल के अपव्यय को रोकने और समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन आशुतोष कुमार ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. नंदन चंद्र पाणि, सत्यनारायण महतो, डॉ. अनवर फातिमा, डॉ. नादिरा रहमान, डॉ. ममता कुमारी सिन्हा सहित अन्य शिक्षक व प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन “जल है तो कल है” के संदेश के साथ हुआ।

