
गोविंदपुर (धनबाद)। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के तृतीय दीक्षांत समारोह में अल-इकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, बरियो, गोविंदपुर ने शानदार शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। महाविद्यालय के एम.एड. एवं बी.एड. पाठ्यक्रमों के तीन विद्यार्थियों ने अपने-अपने सत्र में टॉपर बनकर उत्कृष्टता का परिचय दिया। इस अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण-पदक सह उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार में हर्ष और उत्साह का माहौल है। संस्थान के प्राचार्य एवं प्रबंधन ने इसे महाविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाविद्यालय के सफल विद्यार्थियों में एम.एड. सत्र 2022-24 की निक्की श्वेता ने 1553 अंक प्राप्त किए। वहीं एम.एड. सत्र 2023-25 के अलतमश एयाज ने 1590 अंक हासिल कर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त बी.एड. सत्र 2023-25 की गुलनाज खातून ने 1134 अंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया। तीनों विद्यार्थियों की सफलता ने महाविद्यालय को विश्वविद्यालय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है।
प्राचार्य एवं प्रबंधन ने उपलब्धि को बताया संस्थान का गौरव
विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मो. शमीम अहमद, सचिव डॉ. एस. खालिद, अध्यक्ष सुरैया खानम, विभागाध्यक्ष डॉ. निखत परवीन तथा समस्त शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तीनों विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। महाविद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की उपलब्धि को उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन, लगन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हुए इसे पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का अवसर करार दिया।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मो. शमीम अहमद ने विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक उपलब्धि उसके विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उत्कृष्ट प्रदर्शन में दिखाई देती है। विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय स्तर पर टॉपर बनना उनके परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे आगे भी अपनी प्रतिभा और ज्ञान के बल पर नई उपलब्धियां हासिल करेंगे तथा शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक योगदान देंगे।
महाविद्यालय के सचिव डॉ. एस. खालिद ने भी तीनों विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे संस्थान के शैक्षणिक वातावरण के लिए सकारात्मक उपलब्धि बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी सफलता…
अन्य छात्र-छात्राओं को भी अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके भावी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में निरंतर प्रगति की कामना की।
महाविद्यालय की अध्यक्ष सुरैया खानम ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि मेधावी विद्यार्थियों की सफलता किसी भी संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है। उन्होंने तीनों विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण से भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देंगे। उन्होंने इस उपलब्धि को महाविद्यालय परिवार के लिए सम्मान और प्रसन्नता का अवसर बताया।
वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. निखत परवीन ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि शैक्षणिक सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। तीनों विद्यार्थियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि नियमित अध्ययन और गंभीर प्रयास के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन विद्यार्थियों की सफलता से अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपनी शैक्षणिक क्षमता का बेहतर उपयोग करेंगे।
प्राचार्य एवं प्रबंधन ने इस अवसर पर विद्यार्थियों की उपलब्धि को केवल व्यक्तिगत सफलता के रूप में नहीं, बल्कि महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा। उनके अनुसार, शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थान का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि भावी शिक्षकों को ज्ञान, कौशल, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से सशक्त बनाना भी है। विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन इसी व्यापक उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रेरक है।
शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की पहचान
एम.एड. और बी.एड. दोनों ही शिक्षक-शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण व्यावसायिक पाठ्यक्रम हैं। बी.एड. के माध्यम से भावी शिक्षक शिक्षण विधियों, पाठ्ययोजना निर्माण, कक्षा प्रबंधन और विद्यार्थियों की विविध आवश्यकताओं को समझने का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। वहीं, एम.एड. पाठ्यक्रम शिक्षक-प्रशिक्षण, शैक्षणिक अनुसंधान और शिक्षा व्यवस्था की गहन समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशिक्षित, योग्य और संवेदनशील शिक्षकों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान-विकास के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक दृष्टिकोण को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है।
अल-इकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के तीन विद्यार्थियों की उपलब्धि इस बात का सकारात्मक उदाहरण है कि शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम और समर्पण आवश्यक है। उनकी सफलता भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की संभावनाओं को भी रेखांकित करती है।

