सम्पादकीय: संप्रभुता का संकट और बदलती विश्व व्यवस्था
वेनेजुएला संकट वैश्विक राजनीति के उस दोराहे पर है जहाँ अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और संप्रभुता के बीच संघर्ष स्पष्ट दिखता है। अमेरिकी ‘नार्को-पॉलिटिक्स’ और हितों के टकराव के इस दौर में,…
वेनेजुएला संकट वैश्विक राजनीति के उस दोराहे पर है जहाँ अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और संप्रभुता के बीच संघर्ष स्पष्ट दिखता है। अमेरिकी ‘नार्को-पॉलिटिक्स’ और हितों के टकराव के इस दौर में,…
जांच एजेंसियों द्वारा बिना किसी ठोस आधार के किसी भी राजनीतिक हस्ती के विरुद्ध कार्रवाई करना न केवल व्यक्ति विशेष के मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि यह भविष्य के…
बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्यों से पलायन की गंभीर समस्या को रोकने के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहना अपर्याप्त है। यह एक अनिवार्य शर्त है कि स्थानीय स्तर पर…
बिहार सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए पेंशन और आवास की घोषणा एक सकारात्मक कदम है, जो पत्रकार समुदाय के लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आया है। यह दर्शाता है…
शेख हसीना के नेतृत्व में बांग्लादेश ने आर्थिक विकास की एक लंबी छलांग लगाई थी। पद्मा ब्रिज जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स और डिजिटल बांग्लादेश की पहल ने देश को प्रगति के…
अजीत अंजुम जैसे पत्रकारों पर हो रही कार्रवाई सिर्फ उन व्यक्तियों पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है. हमें यह समझना होगा कि यदि मीडिया…
बिहार में महागठबंधन की रैली में कन्हैया कुमारऔऱ पप्पू यादव क़ो मंच पर नहीं चढ़ने देना महागठबंधन की राजनितिक जीत नहीं रणनीतिक भूल थी, इस पुरे प्रकरण में पप्पू यादव…
अंत में यही कहना चाहूंगा कि ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025’ भारत के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करता है, लेकिन यह हमें अपनी ऊर्जा रणनीति पर पुनर्विचार करने और…
आज भारतीय राजनीति में एक अहम बहस छिड़ी हुई है, क्या देश के सर्वोच्च पदों, विशेषकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के लिए भी शैक्षणिक योग्यता और अधिकतम आयु सीमा…
रिधान्या की आत्महत्या एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के उस खोखलेपन का प्रतीक है, जहाँ रिश्तों की नींव पैसे और संपत्ति पर रख दी गई है। विवाह, जो दो…