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  • Wed. Apr 15th, 2026

AVN Antarkatha

ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती

ByBinod Anand

Apr 15, 2026

 गोविंदपुर के बरियो मोड़ स्थित ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत हर्ष, उल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार ने बाबा साहब के आदर्शों और उनके द्वारा समाज को दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। पत्रकार चंचल गोस्वामी की रिपोर्ट के अनुसार, इस जयंती समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज के महान नायक के जीवन संघर्षों और उनकी उपलब्धियों से परिचित कराना था।

​समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक श्री नीरज कुमार ने बाबा साहब की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान ही वह एकमात्र और अमोघ शक्ति है, जो न केवल एक व्यक्ति के जीवन को अंधकार से निकाल सकती है, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा बदलने में सक्षम है। उन्होंने बाबा साहब के संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक समानता, न्याय और शिक्षा की अलख जगाने के लिए समर्पित कर दिया। उनके अनुसार, बाबा साहब ने विषम परिस्थितियों में भी अपनी शिक्षा को जारी रखा और अंततः उस मुकाम पर पहुंचे जहां से उन्होंने करोड़ों लोगों के अधिकारों की रक्षा की।

​वहीं, विद्यालय के प्राचार्य श्री चंचल कुमार चंद्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए बाबा साहब के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक घटनाओं को साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से भारत के संविधान निर्माण में बाबा साहब के ऐतिहासिक और निर्णायक योगदान की चर्चा की। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि आज हम जिस लोकतांत्रिक भारत में सुरक्षित महसूस करते हैं, उसकी नींव में बाबा साहब के विचार और संविधान की व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे हर व्यक्ति का सम्मान करना सीखें और समाज में व्याप्त किसी भी प्रकार के भेदभाव को पूरी तरह से अस्वीकार करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें संविधान के मूल आदर्शों—समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को केवल किताबों तक सीमित न रखकर अपने व्यावहारिक जीवन में भी उतारना चाहिए।

​इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के समस्त शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें सुधा, काजल, रूबी, काजल साव, अनुराधा, रिया, खुशी, मेघा, प्रीति, अंकित, बिंदु, मीरा, लिपि, हरमिंदर, बासुदेव सिंह, संगीता, इंद्रजीत, चंदू, तंजाया, आकांशा, शीतल, खालिद, संदीप सिंह, संजीव सिंह, प्रतिभा, सपना और हरिहर प्रमुख थे। सभी ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के ब्रांच II के प्राचार्य श्री मिथिलेश झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों को बाबा साहब के सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर अध्ययनशील और अनुशासित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों के बीच उत्साह का माहौल देखा गया और पूरे विद्यालय परिसर में बाबा साहब के जयघोष गूंजते रहे।

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