बोकारो स्टील सिटी
आम जनता की शिकायतों के त्वरित निष्पादन और प्रशासन की पहुंच हर व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को बोकारो समाहरणालय स्थित सभागार में ‘हम आपको सुनते हैं’ कार्यक्रम (जनता दरबार) का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण जन-सुनवाई कार्यक्रम में जिले के उपायुक्त अजय नाथ झा ने खुद कमान संभाली और जिले के विभिन्न कोनों से आए ग्रामीणों और शहरवासियों की समस्याओं को विस्तार से सुना।
39 से अधिक मामलों पर हुई सीधी सुनवाई
जनता दरबार के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। उपायुक्त ने एक-एक कर लगभग 39 से ज्यादा आवेदकों की समस्याओं को सुना। दरबार में आए लोग न केवल अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर मुखर थे, बल्कि कई सार्वजनिक मुद्दों पर भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
प्रमुख विभागों से जुड़ी आईं शिकायतें
जनता दरबार में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित मामले छाए रहे:
राजस्व विभाग: भूमि विवाद, सीमांकन और दाखिल-खारिज से जुड़ी पेचीदगियां।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य: स्कूलों में सुविधाओं की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने में हो रही देरी।
आपूर्ति विभाग: राशन कार्ड से जुड़ी गड़बड़ियां और अनाज वितरण में आ रही समस्याएं।
सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायतें।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
उपायुक्त अजय नाथ झा ने आवेदनों की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों को बिना किसी देरी के अग्रसारित किया जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं मामलों की जांच कर उनका अविलंब समाधान सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जन-समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जनता को अपनी जायज मांगों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस दौरान सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
उपायुक्त का आश्वासन:
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने जनता को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘हम आपको सुनते हैं’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ही शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है ताकि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिल सके।

