अंततः झामुमो समार्थित उम्मीदवार नीलम मिश्र ने एक अनुशासित कार्यकर्त्ता का परिचय देते हुए मेयर चुनाव में अपना नामांकन वापस लेकर पार्टी के निर्णय के साथ गयी जिससे झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच दो उम्मीदवार के बीच टकराव टल गया लेकिन अब देखना है कि नीलम मिश्र समर्थक इस निर्णय कितना सहमत है, इसका खुलासा मतदान के बाद ही होगा…?
धनबाद: कोयलांचल की राजनीति में नगर निकाय चुनाव को लेकर मची सरगर्मी के बीच शुक्रवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। धनबाद नगर निगम के महापौर पद की प्रत्याशी नीलम मिश्रा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ही मैदान में अधिकृत प्रत्याशी के रूप में मजबूती से डटे हुए हैं।
नामांकन वापसी का घटनाक्रम
शुक्रवार को नीलम मिश्रा ने निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता विनोद कुमार, सहायक निर्वाची पदाधिकारी बाल किशोर महतो और सहायक निर्वाची पदाधिकारी विशाल कुमार पांडेय के समक्ष उपस्थित होकर अपना नाम वापस लेने की औपचारिकताएं पूरी कीं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झामुमो के भीतर दो मजबूत दावेदारों के होने से मतों के बिखराव का खतरा मंडरा रहा था। नीलम मिश्रा के हटने से अब पार्टी की गुटबाजी पर विराम लगने की संभावना है और चंद्रशेखर अग्रवाल के लिए राह आसान मानी जा रही है। बता दें कि चंद्रशेखर अग्रवाल हाल ही में भाजपा का दामन छोड़कर झामुमो में शामिल हुए थे, जिसके बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
चुनाव आयोग की तैयारी और महत्वपूर्ण तिथियां
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन अब मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। निर्वाची पदाधिकारी ने आगामी चुनावी कार्यक्रमों की स्पष्ट जानकारी साझा की है:
7 फरवरी: मैदान में डटे सभी प्रत्याशियों को उनके निर्वाचन प्रतीक (चुनाव चिन्ह) आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद ही आधिकारिक प्रचार अभियान अपनी पूरी रफ्तार पकड़ेगा।
23 फरवरी: धनबाद नगर निगम क्षेत्र में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
27 फरवरी: मतगणना का कार्य सुबह 8:00 बजे से शुरू होगा, जिसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि धनबाद का अगला महापौर कौन बनेगा।
राजनीतिक समीकरण और प्रभाव
नीलम मिश्रा के नाम वापस लेने को चंद्रशेखर अग्रवाल की पहली रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। धनबाद की राजनीति में अग्रवाल एक जाना-माना चेहरा हैं और मेयर के रूप में उनके पिछले कार्यकाल का अनुभव उन्हें अन्य प्रत्याशियों की तुलना में बढ़त दिलाता है। हालांकि, भाजपा से झामुमो में आने के कारण उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच पूरी तरह तालमेल बिठाने की चुनौती का सामना भी करना पड़ रहा था, जिसे नीलम मिश्रा की नाम वापसी ने काफी हद तक सुलझा दिया है।
प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के सभी बूथों पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे और संवदेनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

