धनबाद: जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, धनबाद के प्रांगण में शनिवार को थैलेसीमिया से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एच.एल.ए. (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) जांच सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल मरीजों की जांच करना था, बल्कि समाज में इस गंभीर आनुवांशिक बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना भी था।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महापौर संजीव सिंह ने कहा कि थैलेसीमिया एक ऐसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, जिससे लड़ने के लिए केवल दवाएं ही काफी नहीं हैं, बल्कि इसके लिए सही समय पर जांच, सटीक परामर्श और समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने रेड क्रॉस सोसाइटी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर थैलेसीमिया पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आते हैं। यहां मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें उपचार की सही दिशा प्राप्त होती है।
महापौर ने एच.एल.ए. जांच की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह जांच बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण कदम है। थैलेसीमिया के स्थाई उपचार की दिशा में यह जांच जीवन रक्षक साबित हो सकती है। उन्होंने समाज की विभिन्न संस्थाओं और सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे एकजुट होकर ऐसे मानवतावादी प्रयासों को आगे बढ़ाएं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता मिल सके।
शिविर में उपस्थित चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने थैलेसीमिया के कारणों, लक्षणों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने बताया कि विवाह पूर्व कुंडली मिलान के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण भी जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सके। उन्होंने लोगों से समय-समय पर जांच कराने और बीमारी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में थैलेसीमिया के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है और झारखंड भी इस चिंताजनक स्थिति से अछूता नहीं है। धनबाद में आयोजित यह शिविर न केवल मरीजों के लिए जीवन की नई संभावनाएं तलाशने का जरिया बना, बल्कि इसने स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में एक मजबूत मिसाल भी पेश की है। महापौर ने अंत में कार्यक्रम के आयोजकों, चिकित्सकों और सहयोगी संस्थानों का आभार व्यक्त किया और इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

