धनबाद के गोविंदपुर स्थित ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया के प्रांगण में बुधवार को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता जगाना और उन्हें प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराना था। विद्यालय का पूरा वातावरण उस समय उत्साह से भर गया जब छोटे-छोटे बच्चे और वरिष्ठ छात्र-छात्राएं अपनी रचनात्मकता के माध्यम से धरती को बचाने का संदेश देने के लिए एक साथ आए।

कार्यक्रम की शुरुआत प्री-प्राइमरी खंड के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा की गई, जो अपनी मासूमियत और नीले रंग के परिधानों में ‘ब्लू डे’ मनाते हुए आकर्षण का केंद्र रहे। इन बच्चों ने न केवल नीले वस्त्र धारण किए थे, बल्कि वे अपने साथ नीले रंग की विभिन्न वस्तुएं भी लेकर आए थे, जिनके माध्यम से शिक्षकों ने उन्हें जल की महत्ता और आकाश की विशालता के बारे में जानकारी दी। सरल खेलों और गतिविधियों के जरिए बच्चों को यह समझाया गया कि हमारी पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा जल है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी का परम कर्तव्य है।

जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्कूल के गलियारे बच्चों द्वारा बनाए गए रंग-बिरंगे पोस्टरों और अर्थपूर्ण स्लोगन से सज गए थे। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से प्रदूषण मुक्त धरती, हरियाली की आवश्यकता और वन्यजीव संरक्षण जैसे गंभीर विषयों को बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। ‘पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ’ और ‘धरती को हरा-भरा बनाएं’ जैसे नारों ने पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। कई छात्रों ने पर्यावरण पर संक्षिप्त भाषण भी दिए, जिसमें उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जल संचयन के तरीकों पर जोर दिया।
विद्यालय की प्राचार्या चाँदनी त्रिगुणायत ने बच्चों के इन प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक जागरूक नागरिक बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम बचपन से ही बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित करेंगे, तभी भविष्य में एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण की कल्पना की जा सकती है। शिक्षकों ने भी बच्चों को बताया कि कैसे छोटे-छोटे कदम, जैसे कि बिजली बचाना या कूड़ा न फैलाना, वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय के समस्त शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों ने पूरी निष्ठा के साथ पृथ्वी की रक्षा करने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्राकृतिक संसाधनों का अपव्यय रोकने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि इसने बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति एक नई चेतना का संचार किया।

