
बोकारो: खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, टीम वर्क और धैर्य की पाठशाला भी हैं। इसी खेल भावना को जीवंत करते हुए, 20 जनवरी 2026 को क्रेसेंट इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में ‘क्रेसेंट ओलंपिक वीक 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। रंगारंग कार्यक्रमों और रोमांचक प्रतियोगिताओं के बीच शुरू हुए इस खेल उत्सव ने विद्यार्थियों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।
भव्य उद्घाटन और गरिमामयी उपस्थिति

समारोह की शुरुआत अत्यंत गरिमामय ढंग से हुई। विद्यालय के खेल मैदान पर जैसे ही विद्यालय का ध्वज फहराया गया, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पारंपरिक मशाल प्रज्ज्वलन के साथ खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई, जो ज्ञान और ऊर्जा के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा एक मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने आगंतुकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. शमीम अहमद ने क्रेसेंट ओलंपिक वीक 2026 की औपचारिक घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल हमें हार स्वीकार करना और जीत के लिए निरंतर प्रयास करना सिखाते हैं। उन्होंने समर्पण और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा की शपथ: एक सामाजिक पहल

इस आयोजन की एक खास विशेषता इसका सामाजिक सरोकार रही। खेल प्रतियोगिताओं के बीच सामाजिक जिम्मेदारी को याद रखते हुए, विद्यालय की प्रधानाचार्या ने ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मिशन’ के तहत एक विशेष सत्र आयोजित किया। उन्होंने वहाँ उपस्थित समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस पहल के माध्यम से विद्यालय ने यह संदेश दिया कि एक जागरूक खिलाड़ी ही एक जागरूक नागरिक बनता है।
मैदान पर रोमांच: जीत और हार का संघर्ष
उद्घाटन दिवस पर ही कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जहाँ विभिन्न ‘हाउसेस’ के बीच कड़ी टक्कर हुई:
फुटबॉल (जूनियर बॉयज़): फाइनल मुकाबले में जीनियस हाउस और यूनिटी हाउस के बीच कांटे की टक्कर रही। निर्धारित समय तक मैच बराबरी पर रहने के बाद, पेनल्टी शूटआउट में जीनियस हाउस ने 1–0 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, तृतीय स्थान के लिए हुए मैच में फ्रीडम हाउस ने जस्टिस हाउस को शिकस्त दी।
क्रिकेट (सीनियर वर्ग): क्रिकेट के मैदान पर यूनिटी हाउस का दबदबा रहा। उन्होंने जस्टिस हाउस को हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। इस मैच के नायक पितांबर रहे, जिन्होंने अपनी धुआंधार बल्लेबाजी से 70 रन बनाए और ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब जीता।
खो-खो (सीनियर गर्ल्स): छात्राओं के मुकाबले में भी जबरदस्त उत्साह दिखा। जस्टिस हाउस ने शानदार रणनीति दिखाते हुए फ्रीडम हाउस को 13–6 के अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

विजेता और प्रबंधन
जूनियर बॉयज़ फुटबॉल (कक्षा 3 से 5) की श्रेणी में पदकों का वितरण इस प्रकार रहा:
स्वर्ण पदक: जीनियस हाउस
रजत पदक: यूनिटी हाउस
कांस्य पदक: फ्रीडम हाउस
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन और प्रबंधन पीटीआई शिवा कुमार महतो, एनसीसी इंस्ट्रक्टर दवेश कुमार तिवारी एवं पीटीआई रंजिता कुमारी की देखरेख में किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन में सभी प्रतियोगिताएं अनुशासित ढंग से संपन्न हुईं। क्रेसेंट ओलंपिक वीक का यह पहला दिन आने वाले दिनों में और भी रोमांचक मुकाबलों की नींव रख गया है।

