टोक्यो: जापान के उत्तरी हिस्से में प्रकृति का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार रात आए भीषण भूकंप के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि महज 48 घंटे के भीतर एक और शक्तिशाली भूकंप ने होक्काइडो और आओमोरी क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। रिक्टर पैमाने पर 6.5 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने स्थानीय निवासियों में भारी दहशत पैदा कर दी है, जिससे एक बार फिर सुनामी का खतरा मंडराने लगा। हालांकि, बाद में सुनामी की चेतावनी को वापस ले लिया गया, लेकिन प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी रखा है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, इस नए भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रांत के समुद्री तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर और सतह से करीब 54 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। यह झटका इतना तेज था कि हाचिनोहे शहर में इसे जापानी भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर ‘शिंडो-6’ से ऊपर दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, शिंडो-6 स्तर का झटका बेहद खतरनाक होता है। इसमें:
खड़े रहना मुश्किल हो जाता है।
भारी फर्नीचर अपनी जगह से हिल जाते हैं या गिर जाते हैं।
दीवारों और सड़कों में दरारें आ सकती हैं।
सुनामी की चेतावनी और 90,000 लोगों को निर्देश
सोमवार को आए 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद से ही तटीय इलाके संवेदनशील बने हुए थे। ताजा झटकों के तुरंत बाद, होक्काइडो, आओमोरी और इवाते के तटीय जिलों के लिए सुनामी की चेतावनी (Warning) जारी की गई। मौसम विभाग ने 3 मीटर तक ऊँची लहरें उठने की आशंका जताई थी।
प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए तुरंत लगभग 90,000 लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दी। हालांकि, कुछ घंटों बाद जब समुद्र में लहरों का स्तर सामान्य से बहुत अधिक नहीं बढ़ा, तो इस चेतावनी को घटाकर ‘सुनामी एडवाइजरी’ (सलाह) में बदल दिया गया। इसके बावजूद, लोगों को समुद्र तट से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जनजीवन अस्त-व्यस्त: 30 घायल और अँधेरे में शहर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 30 लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप का असर बुनियादी ढांचे पर साफ देखा गया:
बिजली गुल: हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है, जिससे लोग कड़ाके की ठंड में बिना हीटिंग के रहने को मजबूर हैं।
परिवहन ठप: सुरक्षा जांच के लिए कई ट्रेन सेवाओं, विशेषकर बुलेट ट्रेन (Shinkansen) को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
सड़कों को नुकसान: कई स्थानों पर सड़कों के धंसने और दरारें पड़ने की खबरें हैं।
प्रधानमंत्री की अपील और भविष्य की चिंता
जापान की प्रधानमंत्री सना ताकाइची ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देशवासियों से अपील की है। उन्होंने कहा, “हम एक कठिन समय से गुजर रहे हैं। मैं सभी नागरिकों से अनुरोध करती हूँ कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाएँ और अफवाहों पर ध्यान न दें।”
JMA ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) आ सकते हैं। पिछले अनुभवों को देखते हुए, अगले एक सप्ताह तक इसी तीव्रता या इससे बड़े भूकंप के झटके आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
’रिंग ऑफ फायर’ का खतरा
जापान भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” (Ring of Fire) क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया का सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है। 2011 में इसी क्षेत्र में आए महाविनाशकारी भूकंप और सुनामी ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। यही कारण है कि प्रशासन इस बार कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
