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आज का वैदिक पंचांग जानते हैं शुभ/अशुभ योग, लग्न, नक्षत्र, तिथि के बारे में।

ByAdmin Office

Jan 17, 2024
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?️ *दिनांक – 17 जनवरी 2024*
?️ *दिन – बुधवार*
?️ *विक्रम संवत – 2080*
?️ *शक संवत – 1945*
?️ *अयन – उत्तरायण*
?️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
?️ *मास – पौष*
?️ *पक्ष – शुक्ल*
?️ *तिथि – सप्तमी रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात अष्टमी*
?️ *नक्षत्र – रेवती 18 जनवरी रात्रि 03:33 तक तत्पश्चात अश्विनी*
?️ *योग – शिव शाम 05:13 तक तत्पश्चात सिद्ध*
?️ *राहुकाल – दोपहर 12:49 से दोपहर 02:11 तक*
? *सूर्योदय – 07:19*
?️ *सूर्यास्त – 18:17*
? *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
? *व्रत पर्व विवरण – पंचक*
? *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
?️ *~ वैदिक पंचांग ~* ?️

? *कार्य सिद्धि के लिए* ?

*“ॐ गं गणपतये नमः”*

?? *हर कार्य शुरु करने से पहले इस मंत्र का 108 बार जप करें, कार्य सिद्ध होगा ।*
?? *पूज्य बापूजी -Uttarayan Shivir Amdavad 2008*
?️ *~ वैदिक पंचांग ~* ?️

? *इलायची* ?
➡ *इलायची औषधीय रूप से अति महत्त्वपूर्ण है | यह दो प्रकार की होती है – छोटी व बड़ी |*
➡ *छोटी इलायची : यह सुंगधित, जठराग्निवर्धक, शीतल, मूत्रल, वातहर, उत्तेजक व पाचक होती है | इसका प्रयोग खाँसी, अजीर्ण, अतिसार, बवासीर, पेटदर्द, श्वास ( दमा ) तथा दाहयुक्त तकलीफों में किया जाता है |*

? *औषधीय प्रयोग* ?
?? *- अधिक केले खाने से हुई बदहजमी एक इलायची खाने से दूर हो जाती है |*
?? *- धूप में जाते समय तथा यात्रा में जी मचलाने पर एक इलायची मुँह में डाल दें |*
?? *- १ कप पानी में १ ग्राम इलायची चूर्ण डालके ५ मिनट तक उबालें | इसे छानकर एक चम्मच शक्कर मिलायें | २ – २ चम्मच यह पानी २ – २ घंटे के अंतर लेने से जी – मचलाना, उबकाई आना, उल्टी आदि में लाभ होता है |*
?? *- छिलके सहित छोटी इलायची तथा मिश्री समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनालें | चुटकीभर चूर्ण को १ -१ घंटे के अंतर से चूसने से सूखी खाँसी में लाभ होता है | कफ पिघलकर निकल जाता है |*
?? *- रात को भिगोये २ बादाम सुबह छिलके उतारकर घिसलें | इसमें १ ग्राम इलायची चूर्ण, आधा ग्राम जावित्री चूर्ण, १ चम्मच मक्खन तथा आधा चम्मच मिश्री मिलाकर खाली पेट खाने से वीर्य पुष्ट व गाढ़ा होता है |*
?? *- आधा से १ ग्राम इलायची चूर्ण का आँवले के रस या चूर्ण के साथ सेवन करने से पेशाब और हाथ-पैरों की जलन दूर होती है |*
?? *- आधा ग्राम इलायची दाने का चूर्ण और १-२ ग्राम पीपरामूल चूर्ण को घी के साथ रोज सुबह चाटने से ह्रदयरोग में लाभ होता है |*
?? *- छिलके सहित १ इलायची को आग में जलाकर राख कर लें | इस राख को शहद मिलाकर चाटने से उलटी में लाभ होता है |*
?? *- १ ग्राम इलायची दाने का चूर्ण दूध के साथ लेने से पेशाब खुलकर आती है एवं मूत्रमार्ग की जलन शांत होती है |*
? *सावधानी : रात को इलायची न खायें, इससे खट्टी डकारें आती है | इसके अधिक सेवन से गर्भपात होने की भी सम्भावना रहती है |*

? *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
? *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
?️ *~ वैदिक पंचांग ~* ?️
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