• Tue. Apr 16th, 2024

निष्पक्ष निर्भीक निडर

मौलाना अबुल कलाम आजाद जो अरबी फारसी के विद्वान थे : निसार खान

ByAdmin Office

Feb 22, 2024
Please share this News

 

हजारीबाग : भारतीय प्रजातांत्रिक मंच के तत्वावधान मौलाना अबुल कलाम आजाद की 136 वीं जयंती मनाई गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बाबर अंसारी ने किया ।
इस अवसर पर मंच के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष निसार खान ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलाना आजाद जो अरबी फारसी के विद्वान थे । वे स्वाधीनता संग्राम में इस सदी के प्रारंभ में ही कूद पड़े थे । प्रथम महायुद्ध 1914 से 1918 और द्वितीय महायुद्ध 1939 से 1945 दोनों महायुद्धों के काल में कारावास भुगतने वाले संभवत: वे ही एक मात्र नेता थे ” स्वराज ” के लिए आंदोलन में वे सदा अग्रणी रहे । मंच के संरक्षक जहांगीर अंसारी ने कहा कि मौलाना आजाद की विशेषता यह रही कि द्विराष्टर सिद्धान्त को उन्होंने कभी स्वीकारन नही किया । सह अस्तित्व पर जबरदस्त विश्वास रखने वाले नेताओं में वे प्रमुख थे । अध्यक्ष बाबर अंसारी ने कहा कि मौलाना आजाद को देश के प्रति गहरा लगाव था उन्ही के कारण देश के विभाजन के बाद लाखों मुस्लिमों की आस्था देश के प्रति गहरी हुई । मदिना मुफ्ति का यह पौत्र मुस्लिमों को संगठित कर देश के राष्ट्रीय प्रवाह को कायम रखने में सफल रहा ।
मौके पर माशूक अंसारी, मो. रब्बानी, परवेज अहमद, मोइनुद्दीन अंसारी, शहाबुद्दीन इराकी, आशिक खान, तसलीम अंसारी, इरफान अंसारी, मो. आमिल, मुन्ना खान, फैज अहमद आदि उपस्थित थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *