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निष्पक्ष निर्भीक निडर

प्रदूषण के कारण सांसों की संकट को लेकर गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्या पर बच्चे मांग रहे हैं शुद्ध सांसों का अधिकार के निकाली झांकी

ByAdmin Office

Jan 26, 2024
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अंतर्कथा प्रतिनिधि

झरिया।मार्क्स गेनर स्कूल ऑफ लर्निग ने गणतंत्र दिवस पूर्व संध्या पर गुरुवार को बच्चों की शुद्ध सांसों की पुकार कार्यक्रम के तहत झरिया के नीचे कूल्ही, से बनियाहिर , होते हुए शमसेर नगर, थाना मोड़ से ऊपर कुल्हि तक वायु प्रदूषण के खिलाफ बच्चों ने बीसीसीएल एवं सरकार से गणतंत्र अपील किया। हांथों ने तख्तियां लिए बीसीसीएल ने छीना बचपन, प्रदूषण से है बिगड़ा तन मन । गणतंत्र दिवस पूर्व संध्या पर बचपन करे पुकार, प्रदूषण मुक्त जीवन का दो अधिकार । डी सी अंकल थोड़ा प्यार दे दो, शुद्व साँसों का अधिकार दे दो । गणतंत्र दिवस पर बाल की पुकार, शुद्व साँसों का दो अधिकार । जैसे नारों के साथ छोटे छोटे बच्चे प्रदूषण से मुक्ति की मार्मिक अपील कर रहे थे ।युथ कॉन्सेप्ट के संयोजक अखलाक अहमद ने कहा ने कहा जनतंत्र । प्रजातंत्र । लोकतंत्र के होते हुए भी वायु प्रदूषण के कारण झरिया संकट है । प्रदूषण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है । वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि अजन्मे बच्चे भी शिकार हो रहे हैं और इनका हत्यारा बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी है । झरिया के लोग आउटसोर्सिंग के धूल कण से परेशान हैं । गर्भवती महिलाओं के शरीर मे ऑक्सीजन की कमी हो रही है और प्रभावित हो कर गर्भस्थ शिशु दिव्यांगता के शिकार हो रहे हैं । आज प्रदूषण के कारण हर घर में एक सांस की बीमारी के लोग रहते हैं, गणतंत्र अपने परिवार अपने बच्चों के लिए प्रदूषण के खिलाफ झरिया के आम जन भी आवाज बुलंद करें।मार्क्स गेनर स्कूल ऑफ लर्निग के प्रधानाध्यापक अरशद गद्दी कि झरिया की हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली हो गई है । बच्चे बीमार हो रहे हैं । छोटे उम्र में बड़ी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं । बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ गया है । पढ़ाई बाधित हो रहा है । वृद्धजनों की स्थिति ज्यादा खराब है । उन्होंने कहा कि अब तो सांसो पर भी संकट हो गया है । झरिया में प्रदूषण के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है ।
जागरूकता कार्यक्रम में , अरशद गद्दी, अखलाक अहमद, शमसाद आलम, अभिमौयु कुमार, सुन्नी रजक, किशोर लाल केशरी, देवेंद्र तांती, फिरोज इकबाल, आफताब आलम, मुस्तफा शाह, शादाब अंसारी, चाहत परवीन, शाकिब, शुमाया, कन्हैया, सदाब अंसारी आदि आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे ।

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