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झारखंड में 1.83 लाख राशन कार्ड निरस्त करने के लिए तैयार:

Byadmin

Dec 30, 2021
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  • 55 हजार निरस्त किए गए बाकियों की जांच जारी है, स्टेट टास्क फोर्स का भी हो सकता है गठन

झारखंड सरकार 1.83 लाख लोगों के राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी कर रही है। ये ऐसे लोग हैं जो राशन कार्ड के लिए अयोग्य होने के बाद भी इसका लाभ ले रहे हैं। ये झूठ बोलकर राशन कार्ड बनवाए हैं। झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने विधानसभा में बताया कि सरकार ऐसे लोगों की जांच करा रही है। जांच के बाद सभी का राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा।
रामेश्वर उरांव ने बताया कि अभी तक 55000 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। 70,569 ऐसे लोगों की जांच चालु है जिन्होंने 10 से ज्यादा संख्या परिवार की दिखाई गई है। अगर ज्यादा संख्या दिखाई गई सही पाई जाती है तो सभी के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। उन्होंन बताया कि इसके अलावा सरकार राज्य स्तर पर इसके लिए टास्क फोर्स के गठन पर भी विचार कर रही है।
65 हजार लोग धान बेचने के साथ-साथ राशन कार्ड का भी ले रहे लाभ।
रमेश्वर उरांव ने बताया कि राज्य में 65 हजार ऐसे लोग ऐसे हैं जो धान भी बेच रहे हैं और साथ ही साथ राशन कार्ड का भी लाभ ले रहे हैं। जांच में यह पाया गया है कि इन्होंने 50- 200 क्विंटल से ज्यादा धान बेचा है। इनके राशन कार्ड को भी रद्द करने की तैयारी है। इनके पास कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि वो कार्ड रखें। ये ऐसे लोग हैं जो जमीन कम दिखाकर राशन कार्ड लिए हैं।
47 हजार कार्डधारियों ने 6 महीने से नहीं लिया राशन
रामेश्वर उरांव ने बताया कि जांच में ये भी मामला सामने आया है कि 47773 ऐसे कार्ड हैं जहां राशन कार्ड उठाव नहीं हुआ है। ये या तो शौकिया या अन्य कारणों से राशन कार्ड रखे हुए है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों का भी राशन कार्ड रद्द किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार असली लाभुकों का चयन कर रही है और उन्हें किसी भी सूरत में राशन उपलब्ध कराएगी।
राज्य में कराया जाएगा सोशल ऑडिट।
खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने बताया कि जिले में टास्क फोर्स पहले ही गठित हैं। इन्हें एक्टिव किया जाएगा। नेशनल फूड एक्ट के तहत सोशल ऑडिट का प्रावधान है। PGTV को डाकिया योजना के तहत चावल जाता है। इसका सोशल ऑडिट हो रहा है। इसके बाद खूंटी और गढ़वा में भी सोशल ऑडिट होगा और गड़बड़ी का रद्द किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अलग से राज्य स्तरीय सोशल ऑडिट कराया जाएगा। 3.38 लाख बीपीएल की श्रेणी में हैं। जो लोग अयोग्य हैं और बीपीएल का लाभ ले रहे हैं।

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