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ध्यान रहे ! कहीं यह लॉटरी का लत आपको कंगाल न कर दे

Byadmin

Dec 1, 2021
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भारत के प्रमुख काव्य ग्रंथो मे से एक महाभारत जो कि भारत का अनुपम धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और दार्शनिक ग्रंथ हैं। विश्व का सबसे लंबा यह साहित्यिक ग्रंथ और महाकाव्य, हिन्दू धर्म के मुख्यतम ग्रंथों में से एक है इस ग्रंथ से संबंधित कई पुस्तकें, धारावाहिक व फिल्में आप हम सबने देखी होंगी। लेकिन महाभारत जैसे महाग्रंथ पर आज के युग मे अध्ययन करने की आवश्यकता है । ज्ञात हो कि हस्तिनापुर में युधिष्ठिर व शकुनि के बीच जुए का खेल मे पांडवो ने अपना कबकुछ हार गए थे । तत्पश्चात भीषण युद्ध हुआ अंत मे पांडवो की जीत हुई । सत्य और असत्य के इस युद्ध मे भगवान श्री कृष्ण पांडवो के साथ उनकी परछाई बन कर रहे ।

लेकिन आज का युग मे कुछ लोग यह बात भूल चुके है की भगवान कभी भी बुराई का साथ नही देते । जाने अनजाने बुरी लतों मे भी लोगों को भगवान का सहारा चाहिए होता है । ऐसे ही कुछ बुरी लतों (आदतों ) मे सबसे बुरा लत जुआ (लॉटरी) का होता है। लोग इस लत के नशे मे इतने मदमस्त हो जाते है कि उन्हें अपना सुखी सम्पन घरबार – व्यपार कुछ नही दिखता। जाने अनजाने भोले भाले लोग इन वैध- अवैध लॉटरी के धंधेबाजों की बातों मे आकर अपना जीवनभर की गाढ़ी कमाई लुटा देते है। लेकिन याद रहे अपने जीवन को बदलने के लिए आप अगर लॉटरी पर भरोसा कर रहे हैं और एक आलिशान जीवन के लिए बड़े इनाम जीतने का सपने बून रहे हैं तो एक बात हमेशा याद रखें लॉटरी प्रोबेबिलिटी का गेम हैं, जिसमें जीतने की संभावना ना के बराबर होती हैं। लॉटरी एकमात्र ऐसा नशा है जिसके चक्कर मे पड़कर इंसान अपना सब कुछ लुटा देता है।लॉटरी का एकमात्र नुकसान इसकी लत है । यदि कोई लॉटरी नहीं जीतता है, तो उन्हें लगता है कि वे अगली बार जीतेंगे और इसके लिए तब तक लगे रहते हैं जब तक कि वे कुछ जीत नहीं जाते, जो एक बड़ी लत में बदल जाता है। जो लोग लॉटरी के आदी होते हैं, वे वे लोग होते हैं जो आमतौर पर नहीं जीतते । ध्यान रहे अगर आपका सारा धन दौलत ख़त्म हो जाएगा तो भी यह लत आपको शांत बैठने नहीं देगी। कई बार तो ऐसा सुनने को भी मिलता है कि जब लॉटरी खेलने वाले लोगो के पास धन का आभाव हो जाता है तो मजबूरन अपने घर से या मित्रों से पैसे चुराने पर भी अमादा हो जाते है जो कि गलत है।

 

झारखंड में लॉटरी पर प्रतिबंध है बावजूद कुछ लोग इस तरह का कारोबार करते हैं। मुनाफाखोरी के उद्देश्य से इसी तरह का धंधा करते है। लॉटरी के चक्कर में लोग अपनी जेब काटकर दिनभर की गाढ़ी कमाई बर्बाद कर रहे हैं। वही सूत्रों की माने तो लॉटरी का गोरखधंधा पश्चिम बंगाल , बिहार व झारखंड के कुछ प्रान्तों से संचालित होता है। धनबाद जिला के कई क्षेत्रों मे स्थानीय लॉटरी धंधेबाज लोगों के जरिए चोरी-छिपे लॉटरी की बिक्री करते धंधेबाजों को कई बार पुलिस ने पकड़ा है । जिला पुलिस भी समय समय पर विशेष अभियान चला नकेल कसने के काम करती रहती है। धनबाद जिला के गोविंदपुर, निराश, कतरास, बाघमारा , झरिया के कई इलाकों मे लॉटरी का साम्राज्य अपने पाँव पसार चुका है । सूत्र बताते हैं कि इस गोरखधंधे से जुड़े लोग चंद दिनों में ही खाकपति से लखपति बन जाते हैं। जबकि लॉटरी खरीदने वाले लोग मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। खासकर रिक्शा चालक, फुटपाथ दुकानदार, मजदूर वर्ग के लोग लॉटरी के जाल में फंस रहे हैं। लेकिन जब तक पुलिस और आम जनता अपने कर्तव्य को बखूबी ना समझे तब तक समाज से इन अवैध धंधेबाजों की जड़े नही कट सकती ना है आने वाले पीढ़ियों के लिए स्वछ वातावरण बन सकता है।

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